मूल उद्देश्य

1. समाज में शिक्षा के विकास के लिए कार्य करना , इस निमित्त विद्यालय , कोचिंग कक्षायें , प्रोढ़ शिक्षा केंद्र , प्राविधिक शिक्षा केंद्र ,छात्रावास , संस्कार केंद्र , शिक्षा पर गोष्ठियाँ, अध्यापक शिक्षण वर्ग आदि चलाना अथवा इनको सुचारु रूप से चलाने में अन्य सम उद्देश्यों वाली संस्थाओ का सहयोग करना , उनकी आर्थिक सहायता करना , निर्धन छात्रों को छात्रवृति प्रधान करना |

2. सर्व साधारण के स्वास्थय लाभ के निमित्त सभी प्रकार के चिकित्सालय , डिस्पेंसरी , रक्त बैंक , औषधि बैंक , सचल चिकित्सालय , चिकित्सा शिविर , गोष्ठियाँ , योग शिविर , विकलांगता व अधता निवारण के लिए कार्य करना तथा रोग मुक्ति के लिए कार्य करना आदि का संचालन करना अथवा इनके संचालन में सहयोग प्रदान करना तथा आर्थिक सहायता करना , निर्धन रोगियों को सहयोग करना |

3. समाज के दुर्बल और निर्धन वर्ग की आर्थिक द्रष्टि से उन्नति के लिए कार्य करना तथा भुगतान करना तथा उनका पुनरूथान करना |

4. ग्रामीण क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विकास कार्यक्रम को चलाना |

5. उपेक्षित बस्तियों में दैनिक जीवन की आवश्यकताओं यथा पानी , शौचालय , स्वास्थ , शिक्षा - संस्कार आदि की पूर्ती हेतु कार्य करना |

6. भारतीय इतिहास , संस्कृति , नाटक , कला , गीत-संगीत , साहित्य , लेखन आदि के सम्वर्धन में सम्यक ज्ञान अ प्रसार के लिए कार्य करना |

7. समाज में श्रेष्ठ संस्कारों के विकास एवं जागरण के लिए कार्य करना तथा आवश्यकता पड़ने पर इस प्रकार के कार्यो की सिद्धि हेतु पूर्ण - कालिक कार्यकर्ता मिलना व ऐसे कार्यकर्ताओं को मान धन करना , उनके क्षेत्र की चिंता करना , उनका सम्मान करना और आवासीय केंद्र चलाना |

8. दैवी आपदा या आकस्मिक दुर्घटनाओं के समय समाज की रक्षा के लिए आवश्यक उपाय एवं कार्य करना |

9. बाल एवं महिला उत्थान के लिए कार्य करना |

10. जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य करना व सहयोग देना |

11. सामजिक उद्देश्यों के लिए सभी विषयों पर शोध करने हेतु सहयोग करना व कार्यशाला आयोजित करना | राष्ट्रीए हित के लिए कार्य तथा मतदान आदि में समाज की सक्रिय भूमिका बनाने के लिए कार्य करना | कार्यशाला व गोष्ठी आयोजित करना व सरकारी सहयोग व सहायता लेना |

12. शासकीय - अर्धशासकीय सभी प्रकार के ट्रस्टों से सहायता लेना |

13. संस्था के उद्देश्यों की पूर्ती में सहायक व्यक्तियों / संस्थाओ को आर्थिक , नैतिक , सहयोग देना तथा उनसे सहयोग प्राप्त करना तथा वह सभी कार्य करना जो न्यासी मंडल की द्रष्टि में न्यास के उद्देश्यों की पूर्ती में सहायक हो |